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कनकी

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कनकी

सामान्य नाम: रिन्कल घास  (Wrinkle grass)

वैज्ञानिक नाम:इस्चेमम  रूगोसम (Ischaemum rugosum Salisb.)

विवरण: यह एक वर्षीय घास है, जो ६० से १२० सें.मी. तक बढ़ती है । बीज द्वारा संचरण होता है । बीज में सुषुप्तावस्था होती है, जो धान की फसल पकने से पूर्व ही गिर जाते है और इस प्रकार खेत में लगातार संक्रमण का स्रोत बना रहता है । नमी युक्त एवं दलदली मिट्टी इस खरपतवार के लिये अधिक अनुकूल होती है । इस स्थिति में यह तेजी से बढ़ता है । पत्तियों में रोएं होते हैं, पर्णच्छद का रंग हरा या बैंगनी होता हैं, बीज चपटा तथा भूरे से रंग का होता है ।
आरम्भिक अवस्था में इसके पौधे धान के समान ही दीखते हैं । इसके ५ पौधें प्रति वर्ग मीटर होने पर धान की उपज में लगभग १५% तक की क्षति हो सकती है । इसके नियंत्रण में पूर्व-जमाव प्रयोग होने वाले शाकनाशी असफल पाए गये है । अतः जमाव-पश्प अपतृणनाशियों का प्रयोग उचित होगा।                                                  

                                                                                 

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