Submitted by akanksha on Sat, 30/01/2010 - 12:36
जड़े :
- धान का बीज मूलांकुर से प्रारंम्भिक जड़ें निकलता है जो प्रकृत्या अस्थायी होती है जबकि क्रियाशील जड़े कल्म की निचली गॉठो से उत्पन्न द्वितीयक अपस्थानिक जड़े होती हैं।
- धान रेशेदार मूल तंत्र रखता है जो मुख रूप से रोपे गए धान में मृदा के ऊपरी 20 से0मी0 तक सीमित रहता है। जबकि सीधी बोआई किए गए धान में अधिक गहरी जड़ें पाई जाती हैं।
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