Submitted by akanksha on Sat, 13/02/2010 - 11:32
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धान मीली बग :
साधारण ऊंचे तापमान से युक्त सूखा नाशकजीव ग्रसन के लिए अनुकूल होता है। ये तना एवं पर्णच्छद के बीज कालोनियों में पाए जाते हैं। अर्भक (निम्फ) एवं वयस्क कीट स्थानबध्द होते है ये तनों एवं पर्णच्छद से रस चूसते हैं। कीटग्रस्त पौधे अविकसित एवं झुलसे हुए से प्रतीत होते हैं। इस कीट का अत्यधिक प्रकोप (आपतन) पुष्पगुच्छ निकलने को रोक देता है और पौधे सूख भी सकते है। चीटियां मीली बग संक्रमित पौधों पर पहुँचती हैं और नाशकजीव (कीट) को असंकृमित पौधों तक लेकर जाती हुई पाई गई है।
प्रबन्ध :
- खेतो और उनके आस - पास से खरपतवार निकाल दीजिए।
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