Submitted by akanksha on Sat, 30/01/2010 - 11:08
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श्याम वर्ण (एर्न्थैकनोज):
इस रोग के लक्षण हरे अधपके फलों पर जलासिक्तद दबे हुए धब्बों के रूप में शुरू होते है। बाद में धब्बो के बीच का भाग काला होता है और अन्तत: गुलाबी रंग में बदल जाता है। इन धब्बो के नीचे का गूदा मुलायम, बाद में पूरा फल ही सवंमित हो जाता है। छोटे अनियमित आकार के जलासिक्त धब्बे पत्तियों पर भी देखे जा सकते है। जो बाद में भूरे रंग के हो जाते हैं।
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प्रबन्धन :
- फलों को तैयार होते ही तोड़ लें।
- श्रोगग्रसित फलों को तोड़कर नष्ट कर देना चाहिए।
- कापर आक्सीक्लोराइड(0.3%), कार्बोन्डाजिम (0.1%) या थायोफैनेट मिथाइल (0.1%) का 15 दिन के अन्तराल पर छिड़काव करें।
- निर्यात किए जाने वाले फलों को गर्मपानी से उपचारित करें।
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