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पुट्टी सूत्रकृमि (Cyst nematode)

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पुट्टी सूत्रकृमि (Cyst nematode)


वैज्ञानिक नाम:  हेट्रोडेरा स्पेसीज (Hetrodera spp)

 विवरण: 

धान की फसल को प्रभावित करने वाली पुट्टी सूत्रकृमि  की छ: प्रजातियाँ पायी जाती हैं l इस सूत्रकृमि का  जीवन काल २४-३० दिन का होता हैं तथा फसल की अवधि के आधार पर इसकी कई पीढिया पायी जाती हैं l पुट्टी सूत्रकृमि  की  कुछ प्रजातियाँ उपरिवार भूमि तथा कुछ निचली भूमि में उगाये जाने वाली फसल को प्रभावित करती हैं l

लक्षण:

  • इस सूत्रकृमि से प्रभावित पौधो की पत्तिया तथा जड़े भूरी हो जाती इसके अलावा जडों की सामान्य कार्य प्रणाली में अवरोध भी हो जाता हैं l
  • पौधे में १०-१३ दिन पहले ही फूल आ जाते है तथा दाने पूर्ण विकसित नहीं हो पाते है l
  • नत्रजन फास्फोरस तथा पोटेसियम की जडों तथा पत्तियों में कमी होती है l
  • कुल विलेय सुगर तथा प्रोटीन की भी कमी होती है l

 नियंत्रण:

  •  प्रतिरोधी किस्मे जैसे ललनकंद-४१, सी आर  १४३-२-२, हमसा  इत्यादि की बुवाई करना चाहिए l
  • सौरीकरण के ध्दारा सूत्रकृमि के प्रभाव को कम किया जा सकता है l
  • बुवाई के समय एल्डीकार्ब, कार्बोफुरान का १ किलो ग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से भूमि पर छिडकाव करना चाहिए l

 

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