'''भा'''रत की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा भाग कृषि उत्पादन पर निर्भर करती है । यह एक दुखद पहलू है कि हमारे यहां कुछ वर्षो से अधिकाधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए रासायनिक उर्वकों का अंधाधुंध व अनियंत्रित प्रयोग किया जा रहा है, जिसके कारण मृदा स्वास्थ्य और मृदा में उपलब्ध लाभदायक जीवाणुओं की संख्या में भारी ह्रास हुआ है । रासायनिक उर्वरकों के अत्याधिक प्रयोग से भूमि की उपजाऊ शक्ति में कमी तो आई ही है, साथ ही उसके अन्य दुष्प्रभाव जैसे मृदा, जल तथा पर्यावरण प्रदूषण आदि भी सामने आने प्रांरभ हो गये हैं । मृदा को स्वस्थ बनाए रखने, लक्षित उत्पादन प्राप्त करने के लिए, उत्पादन लागत कम करने हेतु व पर्यावरण और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह आवश्यक है कि रासायनिक उर्वरकों जैसे कीमती निवेश के प्रयोग को एक हद तक कम करके जैविक खादों के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए ।
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| Bade kaam ki Javik Khad.doc | 75.5 KB |
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