Submitted by kanchannainwal1 on Sat, 23/01/2010 - 11:51
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बीज चयन:
- बीज प्रयोजन के लिए नाशकजीवों एवं रोगों, जैसे लाल विगलन, म्लानि कंड, पेड़ी वृध्दिरोध आदि से मुक्त स्वस्थ बीज सामग्री का चुनाव करना चाहिए।
- तुलनात्मक दृष्टी से अपरिपक्व गन्ने के ऊपरी एक-तिहाई से आधे हिस्से में कलिकाएं अधिक अंकुरणशीलता रखती है। अत: यह बोआई के लिए सर्वोत्ताम होता है।
- गन्ने का निचला हिस्सा शर्करा से समृध्द होता है और अंकुरण में अधिक समय लेता है: इसका गुड़ बनाने में उपयोग करना चाहिए।
- यदि बोआई के लिए केवल ऊपरी आधे हिस्से का उपयोग किया जाता है तो तुलनात्मक दृष्टी से अपेक्षाकृत अधिक अंकुरण प्राप्त होता है।
- बीज के लिए गन्ना 10-12 महीने से कम अवस्था की अच्छे प्रकार की सीधी खड़ी, स्वस्थ फसल से ली जानी चाहिए।
- बीज प्रयोजन के लिए पेड़ी फसल उपयुक्त नहीं होती है, क्योंकि इन गन्नों में पिछली फसल के रोग हो सकते हैं।
- उत्तम परिणामों के लिए विशेष रूप से अच्छी फसल प्रबंध के अंतर्गत बीज गन्ना उत्पादित करने के लिए अलग फसल नर्सरियाँ उगानी चाहिए।
- रोग एवं नाशकजीव नियंत्रण के विरूध्द विशेष सावधानियाँ रखनी चाहिए।
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