आलू में पछेती अंगमारी रोंग या लेट ब्लाइट एवं प्रबंधन
यह रोंग फफूंद की वजह से होता है। रोग के लक्षण सबसे पहले निचे की पत्तियों पर हल्कें हरे रंग के धब्बें दिखई देतें है जो जल्द ही भूरे रंग के हो जाते हैं। यह धब्बें अनियमित आकार के बनते हैं। जो अनुकूल मौसम पाकर बड़ी तीव्रता से फैलते हैं औंर पत्तियों को नश्ट कर देतें है। रोग की विशेश पहचान पत्तियों के किनारें और चोटी भाग का भूरा होकर झुलस जाना हैं। इस रोग के लक्षण कंदो पर भी दिखइ पड़ता है। जिससे उनका विगलन होने लगता हैं।
प्रबंधन:-
- बुवाई के पूर्व खोद के लिकाले गए रोगी कंदो को जलाकर नष्ट कर देना चाहिए।
- प्रमाणीत बीज का प्रयोग किया जाना चाहिए ।
- रोग प्रतिरोधी जातीयों का चयन किया जाना चाहिए जैसे कुफरी अंलकार, कुफरी खासी गोरी, कुफरी ज्योती, आदि।
- बोर्डो मिश्रण 4:4:50, कॉपर ऑक्सी क्लोराइड का 0.3 प्रतिशत का छिड़काव 12-15 दिन के अन्तराल मे तीन बार किया जाना चाहिए।
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