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जड़ की सूंड़ी

जड़ की सूंड़ी (Root weevil)

वैज्ञानिक नाम : हयडरोनोमिडिस  मोलिटर (Hydronomidius molitor)

पहचान: कीट का युवा भृंग (Beetle) ४.५ से ६ मि.मी. लम्बा, काला तथा सघन चाकी ग्रे (Chalky Grey) पपडियों से ढका होता है । इस कीट की ग्रब (Graub) धान के पौधों को हानि पहुँचाती है ।

 

क्षति की प्रकृति: इसका लारवा, जिसे ग्रब कहते है, पौधे की जड़ों पर स्थित रोएं Root hair) पर संक्रमण करते हैं और रस चूसते रहते हैं । संक्रमित पौधे की बढ़वार अवरूद्ध हो जाती है एवं दौजियाँ निकलती रूक जाती हैं । ऐसे पौधों को सावधानी से उखाड़कर धोने पर जड़ों के अग्रिम भाग पर पके हुए चावल के आकार की ग्रब लगी मिलती हैं । मटियार मिट्टी में रेतीली दोमट की तुलना में इस कीट का प्रकोप अपेक्षाकृत अधिक होता है । प्रायः खेती की अच्छी व्यवस्था न होने पर इस कीट का संक्रमण पाया जाता है । फसल की आरंम्भिक अवस्था में ही यह कीट संक्रमण करता है । इस कीट की वर्ष में एक ही पीढ़ी होती है ।

 

नियंत्रण:

  • दानेदार कीटनाशी कार्बोफ्यूरान-०.७५ कि.ग्रा.ए.आई./है. अथवा फोरेट-१.२५ कि.ग्रा.ए. आई.है. का प्रयोग करें ।

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