धान फूदका
मुख्यत: दो प्रकार के पादप फुदके पाए जाते हैं
- सफेद पृष्ठ बाला फुदका और
- भूरा पादप फुदका। इसका आकार छोटा होता है।
मादा कीट तने पर निचली पत्तियों के भीतर प्रति 8-10 दिन की दर से 200-400 अण्डे देती हैं। अण्डों से बाहर निकलने के तत्काल बाद छोटे कीट पादप रस चूसना शुरू कर देते है। कीटग्रस्त खेत में सूखे पौधों के समूह दिखाई देने लगते हैं जिन पर जले हुए धब्बों के समान चित्तियां (दाग) दिखाई देते हैं और इसलिए इसे फुदका दाह (हॉपर बर्न) कहा जाता है। आर्द्रता एवं नाइट्रोजन का आधिक्य फुदकों के तेजी से वृध्दि के लिए पहले से प्राप्त दशाओं का कार्य करते हैं। इसलिए यदि संभव हो तो लगभग 5-6 दिनों के लिए जल निकाल दीजिए। धान के खेतों में प्राकृतिक परभक्षियों और मकड़ियों के विभिन्न प्रकारों की अधिक मात्रा पाई जाती है जो फुदकों को खाते हैं।
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