Submitted by Amrendra on Mon, 14/09/2009 - 14:38
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पुट्टी सूत्रकृमि (Cyst nematode)
वैज्ञानिक नाम: हेट्रोडेरा स्पेसीज (Hetrodera spp)
विवरण:
धान की फसल को प्रभावित करने वाली पुट्टी सूत्रकृमि की छ: प्रजातियाँ पायी जाती हैं l इस सूत्रकृमि का जीवन काल २४-३० दिन का होता हैं तथा फसल की अवधि के आधार पर इसकी कई पीढिया पायी जाती हैं l पुट्टी सूत्रकृमि की कुछ प्रजातियाँ उपरिवार भूमि तथा कुछ निचली भूमि में उगाये जाने वाली फसल को प्रभावित करती हैं l
लक्षण:
- इस सूत्रकृमि से प्रभावित पौधो की पत्तिया तथा जड़े भूरी हो जाती इसके अलावा जडों की सामान्य कार्य प्रणाली में अवरोध भी हो जाता हैं l
- पौधे में १०-१३ दिन पहले ही फूल आ जाते है तथा दाने पूर्ण विकसित नहीं हो पाते है l
- नत्रजन फास्फोरस तथा पोटेसियम की जडों तथा पत्तियों में कमी होती है l
- कुल विलेय सुगर तथा प्रोटीन की भी कमी होती है l
नियंत्रण:
- प्रतिरोधी किस्मे जैसे ललनकंद-४१, सी आर १४३-२-२, हमसा इत्यादि की बुवाई करना चाहिए l
- सौरीकरण के ध्दारा सूत्रकृमि के प्रभाव को कम किया जा सकता है l
- बुवाई के समय एल्डीकार्ब, कार्बोफुरान का १ किलो ग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से भूमि पर छिडकाव करना चाहिए l
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