Skip to main content

पुष्पगुच्छ थ्रिप्स

 


पुष्पगुच्छ थ्रिप्स (Panicle thrips)

वैज्ञानिक नाम: हप्लोथ्रिप्स गैंगलबाउएरी (Haplothrips ganglbaueri Schmutz)

पहचान:

 पुष्पगुच्छ थ्रिप्स धान कि फसल के अलावा बहुत सी फसल के पुष्पवृंत पर हमला करता है. बहुत से खर पतवार जो कि धान के खेत में धान के सामान होते है उनके ऊपर भी ये गुणित होने में सक्षम होते है. इनके प्रकोप का विवरण भारत के कई भागो से मिलता है. दक्षिण भारत में दिसम्बर के शुरुआत में इसका प्रकोप बहुत ही गंभीर होता है.

वयस्क

िम्फ

क्षति की प्रकृति :

            मुख्य क्षति निम्फ और वयस्क के द्वारा होता है . ये निकलने वाली नयी बालीयों का रस चूस लेती है जिसकी  वजह से बनने वाला बीज मृत होता है. गंभीर प्रकोप के दौरान पूरी बालियाँ मृत हो जाती है. थ्रिप्स कि जनसँख्या बालीयों कि उम्र से संबंधित होती है. नयी बालीयों पर थ्रिप्स कि संख्या अधिक होती है और बालियाँ जैसे जैसे पुरानी होती जाती है इनकी संख्या भी कम होती जाती है.

नियंत्रण :

थ्रिप्स के प्रभाव को रोकने के लिए मैलाथओंन 50EC 0.1% या कारबारील 50WP 0.1% या इंडोसल्फान 35EC 0.07% या मोनोक्रोटोफास 36 WC 0.04% या डस्ट मैलाथओंन या कारबारील @ 25-30 किग्रा/ हेक्टेयर   का छिड़काव करे.

 

0
Your rating: None

Please note that this is the opinion of the author and is Not Certified by ICAR or any of its authorised agents.