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लीची सुरक्षा प्रौद्योगिकी

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1-   सुरक्षा प्रौद्योगिकी :


फल वेधक - कीट के डिंभक (लार्वा) फलों में छेद करके पर्णवृंत के नीचे खाते हैं। क्षतिग्रस्त फल गिर जाते हैं। मई के महीने में 0.2 प्रतिशत एन्डोसल्फान का छिड़काव करके इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

पत्ती मोड़ने वाला कीट - सूंडियां (इल्लियाँ) कोमल पत्तियों को मोड़कर जाला से बंद कर लेती हैं और उनके भीतर खाती हैं और बाद में वहाँ प्यूपा बनाती हैं। कभी-कभी, विशेष रूप से विकसित हो रहे बहारों को हानि पहुंचाती हैं। धूमक क्रिया रखने वाली किसी कीटनाशी के साथ एक संस्पर्श कीटनाशी का सम्मिश्रण कीट को नियंत्रित कर सकता है। पर्ण वेल्लक कीट को नियंत्रित करने में एन्डोसल्फान (0.2%) सर्वाधिक प्रभावकारी होता है।

तना वेधक - कीट के डिंभक (लार्वा) तने में छेद करते हैं और वहाँ रिबन के रूप में मलोत्सर्जन करते हैं। इसके नियंत्रण के लिए छेद की सफाई करके उसे मिट्टी के तेल में डुबोई गई रूई से बन्द कर देना चाहिए और उसके बाद मिट्टी से ढक देना चाहिए। 



 

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