नवम्बर माह के कृषि कार्य
दीपाली तिवारी
गो0ब0पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पन्तनगर,
मैदानी क्षेत्र (सब्जियों व फलों में)
शकरकंद:
- फसल में आवश्यकतानुसार निराई, गुडाई व सिंचाई करें.
- ५० किलोग्राम यूरिया खड़ी फसल में डालें.
आलू:
- पहली सिंचाई करें जिसमें जमाव पूरा हो जाए.
- ५० किलोग्राम यूरिया खड़ी फसल में डालें.
मिर्च, बैंगन:
- तैयार फलों की तुडाई कर बाज़ार भेजें.
- बीज वाली फसलों से बीज निकालें.
मूली, गाजर:
- तैयार मेड़ों की खुदाई कर बाज़ार भेजें.
- फसलों में आवश्यकतानुसार निराई-गुडाई व सिंचाई करें.
- ५० किलोग्राम यूरिया खड़ी फसल में डालें.
फूलगोभी:
- तैयार गोभियों की कटाई कर बाज़ार भेजें.
- आवश्यकतानुसार निराई-गुडाई व सिंचाई करें
पालक:
- तैयार पत्तियों की कटाई करके, छोटी गड्डियाँ बनायें तथा बाज़ार भेजें.
लहसुन:
- आवश्यकतानुसार निराई-गुडाई व सिंचाई.
- ५० किलोग्राम यूरिया खड़ी फसल में डालें.
केला:
- अवांच्छित पत्तियों को निकाल देना चाहिए.
- १५ दिन के अंतराल पर सिंचाई करें.
अमरुद:
- बाग़ की सिंचाई करें व फलों को चिडियों से बचाएँ.
पपीता:
- १५ दिन के अंतराल पर सिंचाई करें.
- थालों की निराई करें.
अंगूर:
- बाग की सफाई करें.
लीची:
- थालों की सफाई करें.
- बाग की सफाई करें.
पर्वतीय क्षेत्र (सब्जियों व फलों में)
टमाटर:
- तैयार फलों की तुडाई कर बाज़ार भेजें.
- बीज वाली फसलों से बीज निकालें.
आलू:
- फसल में आवश्यकतानुसार निराई-गुडाई व सिंचाई करें.
- ५० किलोग्राम यूरिया खड़ी फसल में डालें.
बैंगन, मिर्च:
- तैयार फलों की तुडाई कर बाज़ार भेजें.
पालक:
- पत्तियों की कटाई कर गड्डियाँ बनायें व बाज़ार भेजने की व्यवस्था करें.
फूलगोभी:
- तैयार गोभियों की कटाई कर बाज़ार भेजें.
- फसल में आवश्यकतानुसार निराई-गुडाई व सिंचाई करें.
लहसुन:
- फसल में आवश्यकतानुसार निराई-गुडाई व सिंचाई करें.
- ५० किलोग्राम यूरिया खड़ी फसल में डालें.
सेब व नाशपाती:
- थालों की निराई-गुडाई करें व बाग़ की सफाई करें.
- पौधशाला में बीज की बुवाई करें.
आड़ू, खुबानी बादाम:
- बाग़ की सफाई करें.
- थालों में बीज की बुवाई करें.
उपरोक्त तथ्य विश्ववियालय के प्रसार शिक्षा निदेशालय की एटिक इकाई द्बारा प्रकाशित किसान भारती से लिए गए है तथा इस लेख का संकलन श्वेता सिंह द्बारा किया गया है.
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