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Cereal

गेहूँ की खेती

Package of Practices of Wheat

कठिया (ड्यूरम) गेहूं की खेती :

कठिया गेहूँ की सफल खेती के लिए मुख्य बिंदु :
१. भरपूर उपज के लिए समय पर बुवाई करना आवश्यक है |
२. असिंचित तथा अर्धसिंचित दशा में बुवाई  के समय खेत में नमी का होना अति आवश्यक है |
३. कठिया गेहूँ की उन्नतशील प्रजातियों का ही चयन करके संस्तुत बीज विक्रय केद्रों से लेकर बोना चाहिए |
४. चमकदार दानो के लिए पकने के समय आद्रता की कमी होनी चाहिए |

प्रतिकूल परिस्थितियों में गेहूँ की खेती

भण्डारण:
बदलते परिवेश में मौसम का कोई भरोसा न करके उपज को बुखारी में या बोरों में भरकर साफ सुथरे स्थान में संरक्षित करें यदि सुखी नीम की पत्ती का विछावान डाल दें तो रसायनों का प्रयोग नही करना पड़ेगा |

शिशु मक्का उत्पादन

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जई की खेती

बोरो धान की खेती

पौधको ठंडक से बचाने के उपाय

१ पौधकी सिंचाई समुचित रूप से करतें रहना चाहिये।

२ लकड़ी/पुआल/गोबर की राख का द्दिड़काव सप्ताह में दो बार करते रहना चाहिये।

३ प्रातः पत्तियों पर एकत्र ओस को गिरा देना चाहियें।

जौ की खेती

मुख्य बिन्दु :

१. परिस्थित के अनुसार  अनुसार उपयुक्त प्रजातियों का चयन कर शुद्घ एवं प्रमाणित बीज बोयें।

२. मृदा परीक्षण के आधार पर संस्तुति अनुसार उर्वरकों का संतुलित प्रयोग करे।

३. खरपतवारों के नियंत्रण हेतु संस्तुत रसायनों का समय से प्रयोग किया जायें।

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