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बीज उपचार: बासमती धान

बीज उपचार

     बीज को डुबोने के लिए लवण विलयन (10-15%) तैयार किया जाता है। यह लवण सांद्रता की जांच ताजे अण्डे से की जा सकती है जो विलयन में तैरता है। इसके बाद नर्सरी डालने के लिए चुने गए बीज का लवण विलयन में डाल देना चाहिए और उसे हिलाना चाहिए और तैरने वाले बीजों को निकाल देना चाहिए। विलयन को दूसरी बाल्टी में उडेल दीजिए। विलयन में नीचे बैठे हुए बीज का चुनाव कीजिए। इस लवण विलयन का पुन: उपयोग किया जा सकता है।

         

लवण और पंत बायो एजेन्ट - 3 से धान के बीजों का उपचार

लवण जल में उपचार के बाद अंकुरण को बढ़ाने के लिए 8-10 घंटे तक बीजों का पूर्व जलयोजन किया जाता है। उसके बाद बीजों का आर्द्रता अंष घटाने के लिए उन्हें छायां में सुखाया जाता है जिससे बीज पवन के दौरान उनका मुक्त प्रवाह आसान हो जाता है। बोआई से पूर्व प्रत्येक बीज 5 ग्राम / कि0 ग्रा0 बीज की दर से ट्र्रर्राइकोडर्मा एवं स्यूडोमोनास  से या पंत बायो - एजेन्ट - 3 (10 ग्राम/कि0 ग्रा0 बीज की दर से) स्यूडोमोनास एवं ट्राइकोडर्मा  से बीज को उपचारित करना चाहिए। यह सावधानी रखनी चाहिए कि उपचारित बीज को सीधा धूप में खुला नहीं छोड़ना चाहिए।

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