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मूंग की खेती

सूत्रकृमि

  1. रोगरोधी प्रजातियों की बुवाई की जायें।
  2. गर्मी में गहरी जुताई करें।
  3. पंक्तियों में बुवाई करें।
  4. विरलीकरण किया जाय।
  5. बीजोपचार एवं बीज शोधन अवश्य करे।
  6. सल्फर एवं फास्फोरस का प्रयोग करे।