- Planting method
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- Production technology
- Litchi
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रोपाई
भूमि की तैयारी :
रोपाई से पहले भूमि की जुताई करके समतल बना लिया जाता है। लीची के छोटे पौधें गर्म हवाओं एवं शीत लहरों को सह नहीं पाते हैं। इसलिए लीची के बागों की सीमा के साथ-साथ उपयुक्त वातरोध वृक्षों, जैसे शहतूत, सहजन, जामुन आदि की रोपाई करनी चाहिए। पौधों (छोटे वृक्षों) को क्षति से सुरक्षित रखने के लिए नवम्बर के अन्त तक उन्हें फूस से ढक देना चाहिए।
रोपाई की विधि :
रोपाई के लिए बारीक जड़ों से युक्त एक वर्ष के स्वस्थ पौधों का चुनाव करना चाहिए। मिट्टी के पिंडयुक्त पौधों के लिए पर्याप्त गङ्ढे के केन्द्र में छोटा छेद बनाकर उनमें पौधों की रोपाई की जाती है। नए पौधे में 100 ग्राम वैम प्रति गङ्ढा निवेशित करना चाहिए। भूमि को पूरी तरह सूखने नहीं देना चाहिए। सिंचाई के तत्काल बाद रोपाई करनी चाहिए। तेज हवा चलने की स्थिति में पौधे टेक के साथ बाँध लिए जाते हैं।
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