Skip to main content

विक्षति सूत्रकृमि (Lesion nematode)

Posted in

 


विक्षति सूत्रकृमि (Lesion nematode)

वैज्ञानिक नाम: प्रेटाइलेन्‍चस ब्रचाइयूटस (Pratylenchus brachyurus)

 विवरण:  विक्षति सूत्रकृमि ब्रहद रूप से सीधी बुवाई वाले धान को प्रभावित करता हैं l  भारत में यह अन्धाप्र्देश ,असम,गुजरात, केरला ,उडीस,मध्यप्रदेश,राजस्थान तथा उत्तरप्रदेश में इत्यादि प्रदेश में धान की फसल को नुकसान पहुचाता हैं lइसका जीवन काल ३०-३५ दिन का होता हैं तथा एक ही फसल में इसकी कई पीढिया पायी जाती हैं l

 लक्षण:

  • इस सूत्रकृमि से पौधे से प्रभावित पौधे बौने विखरे हुए हो जाते हैं l जिसके कारण खेत असमान ब्रध्दि दिखाई पडती हैं l
  • पत्तियां पीली पड जाती हैं तथा दानो की सख्या में कमी हो जाती हैं l
  • जडों में इसके प्रभाव के कारण फुलापन तथा उनकी सतहों पर काले धब्बे पड जाते है
  • नियमित दानो के भरने के कारण उपज में कमी हो जाती हैं l

 नियंत्रण

  • फसल चक्र में फैलो को अपनाना चाहिए
  • गर्मी में जुताई करनी चाहिए
  • बुवाई के समय कार्बोफुरान या फोरेट का १-२ किलो ग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से छिडकाव करना चाहिए
0
Your rating: None

Please note that this is the opinion of the author and is Not Certified by ICAR or any of its authorised agents.