Submitted by Amrendra on Tue, 08/09/2009 - 17:10
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विक्षति सूत्रकृमि (Lesion nematode)
वैज्ञानिक नाम: प्रेटाइलेन्चस ब्रचाइयूटस (Pratylenchus brachyurus)
विवरण: विक्षति सूत्रकृमि ब्रहद रूप से सीधी बुवाई वाले धान को प्रभावित करता हैं l भारत में यह अन्धाप्र्देश ,असम,गुजरात, केरला ,उडीस,मध्यप्रदेश,राजस्थान तथा उत्तरप्रदेश में इत्यादि प्रदेश में धान की फसल को नुकसान पहुचाता हैं lइसका जीवन काल ३०-३५ दिन का होता हैं तथा एक ही फसल में इसकी कई पीढिया पायी जाती हैं l
लक्षण:
- इस सूत्रकृमि से पौधे से प्रभावित पौधे बौने विखरे हुए हो जाते हैं l जिसके कारण खेत असमान ब्रध्दि दिखाई पडती हैं l
- पत्तियां पीली पड जाती हैं तथा दानो की सख्या में कमी हो जाती हैं l
- जडों में इसके प्रभाव के कारण फुलापन तथा उनकी सतहों पर काले धब्बे पड जाते है
- अनियमित दानो के भरने के कारण उपज में कमी हो जाती हैं l
नियंत्रण
- फसल चक्र में फैलो को अपनाना चाहिए
- गर्मी में जुताई करनी चाहिए
- बुवाई के समय कार्बोफुरान या फोरेट का १-२ किलो ग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से छिडकाव करना चाहिए
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