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सब्जी मटर में पोषक प्रबन्ध

मटर में उर्वरक प्रबन्ध

फसल द्वारा पोषकों का निष्कासन

4500 कि. ग्रा. हरी फली की उपज देने वाली फसल लगभग निम्नलिखित पोशक निकालती हैं:

  •   55 कि0 ग्रा0 नाइट्रोजन
  •   20 कि. ग्रा. फॉस्फोरस, और
  •   40 कि. ग्रा. पोटाश

कुछ तथ्य:

  • बोआई के समय 30 कि. ग्रा. नाइट्रोजन प्रति हैक्टेयर की आधारी मात्रा प्रारंम्भिक वृध्दि को उत्तेजित करने के लिए पर्याप्त होती है।
  • नाइट्रोजन की उपेक्षाकृत अधिक मात्रा का ग्रंथिकाओं द्वारा यौगिकीकरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
  • फसल फॉस्फोरस प्रयोग के प्रति अच्छी अनुक्रिया देती है क्योंकि यह ग्रंथिका रचना को बढ़ाकर नाइट्रोजन यौगिकीकरण के लिए अनुकूल होता है। यह मटर की उपज एवं गुणवत्ता भी बढ़ाता है।
  • पोटाशीय उर्वरक भी उपज और पोधे की नाइट्रोजन यौगिकीकरण क्षमता बढ़ाने का प्रभाव रखते हैं।

 

सामान्य संस्तुतियाँ:

सामान्य संस्तुत उर्वरक मात्राएं निम्नलिखित बातों पर निर्भर करती रहती है :

  • मृदा उर्वरता और फसल के लिए प्रयुक्त जैविक खाद की मात्रा
  • बोआई की दशाएं
  • खेत सिंचित है या वर्षाधीन ? और
  • यदि फसल वर्षाधीन हो तो मात्राएं ठीक आधी होती है।

कितनी मात्रा का प्रयोग किया जाए ?

  • 15-20 टन/हैक्टेयर अच्छी तरह से सड़ी हुई गोबर की खाद मृदा में मिलाई जाती है।
  • नाइट्रोजन (N) = 20 - 30 कि. ग्रा./हैक्टेयर
  • 50-60 कि.ग्रा. पोटाश (P2 O2) और
  • 50 कि. ग्रा. पोटाश (K2O) प्रति हैक्टेयर अनुकूलतम उपज के लिए संस्तुत किया जाताहै।                                                           
  • बोआई के समय पर नाइट्रोजन, फॉस्फोरस एवं पोटाश की पूरी मात्रा दी जाती है। शेष नाइट्रोजन का पुष्पन अवस्था पर प्रयोग किया जाता है। 

क्षेत्रवार संस्तुतिया

  • आई आई वी आर, वारणसी पर 10 टन/है0 गोबर की खाद + नाईट्रोजन फॉस्फोरस: पोटाश की संस्तुत आधी मात्रा का प्रयोग करने पर अधिकतम सी : बी0 अनुपात 1 : 1.32  के साथ उद्यान मटर सी0 वी0 आजाद पी-3 (80.7 क्विंटल/है0) की अधिकतम उपज सूचित की गई है।
  • आई0 आई0 एच0 आर0, बंगलूर पर 10 टन/है0 गोबर की खाद + नाईट्रोजन: फॉस्फोरस : पोटेशियम (20:30:25 कि0 ग्रा0/है0) की आधी मात्रा का प्रयोग करने पर 1 : 2.78 के अधिकतम सी: बी0 अनुपात के साथ उद्यान मटर प्रजाति अर्क कार्तिक ने उच्चतम उपज 105.2 क्विं/हैक्टेयर सूचित की गई थी। अत: बंगलूर की दषाओं के लिए दूसरी संस्तुति की जाती है।
  • फैजाबाद पर 2.5 क्विंटल/है0 नीम की खली + नाईट्रोजन: फॉस्फोरस : पोटेशियम (15:30:20 कि0 ग्रा0/है0) की आधी संस्तुत मात्रा के प्रयोग ने 1 : 2.98 के अधिकतम सी0 बी0 अनुपात के साथ उद्यान मटर सीवी0 आजाद पी-3 (102.10 क्विंटल/है0) में फली की उच्चतम औसत उपज सूचित की थी। अत: फैजाबाद की दशाओं के लिए इसकी संस्तुति की जाती है
  • फैजाबाद की दशाओं के अंतर्गत अधिकतम उपज (118.79 क्विं/है0) और (सी0 वी0) अनुपात (1: 2.73) के लिए आजाद पी-1 प्रजाति के लिए तीन सिंचाईयों अर्थात् पुश्पन पूर्व (बोआई के 30 दिनों के बाद) पर पुष्पन (50 प्रतिशत पुष्पन) पर और फली लगने की अवस्था पर तीन सिंचाईयों की संस्तुति की गई है
  • भुवनेश्वर पर, 205 टन/हैक्टेयर क्विन्टल खाद +संस्तुत नाइट्रोजन : फॉस्फोरस: पोटेशियम (25: 37.5: 25 कि.ग्रा./है0) की आधी मात्रा का एकीकृत प्रयोग से 44.16 क्विंटल प्रति हैक्टेयर फली उपज और 1: 1.49 का लागत लाभ सी0 वी0 अनुपात प्राप्त हुआ था। अत: उड़ीसा की भुवनेश्वर दशाओंके लिए दूसरी संस्तुति की जाती है।

स्रोत : ए आई सी आर पी (सब्जी फसलें), आई0 वी0 आर0 वाराणसी

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