Skip to main content

जौ की खेती

मुख्य बिन्दु :

१. परिस्थित के अनुसार  अनुसार उपयुक्त प्रजातियों का चयन कर शुद्घ एवं प्रमाणित बीज बोयें।

२. मृदा परीक्षण के आधार पर संस्तुति अनुसार उर्वरकों का संतुलित प्रयोग करे।

३. खरपतवारों के नियंत्रण हेतु संस्तुत रसायनों का समय से प्रयोग किया जायें।

४. रोग एवं कीड़ों की रोकथाम हेतु संस्तुति अनुसार रसायनों का प्रयोग किया जाय उपलब्धता अनुसार कल्ले फूटते समय एवं दुग्धावस्था में सिचांई करें।

५. उपलब्धता अनुसार सिंचाई कल्ले फूटते समय एवं दुग्धा अवस्था में सिंचाई न करें |