दीमक कीट की पहचान
मुख्यतः श्रमिक दीमक जो लगभग ६० मि०मीटर लम्बे, मटमैले सफेद रंग के मुलायम कीड़े है। पौधों की जड़े को काटकर हानि पहुंचाते है।
उपचार
- खेत में आखरी जुताई के समय १.५ प्रतिशत क्लोरपाइरीफास या ४ प्रतिशत इएडोसल्फान की धूल या १.३ प्रतिशत लिन्डेन धूल २५-३० किलोग्राम प्रति हे. की दर से प्रयोग करें।
- खड़ी फसल में प्रकोप होने की दशा में लिन्डेन २० ई.सी. ३.७५ लीटर या क्लोरपायरीफास २-३ ली०/हे. की दर से सिंचाई पानी के साथ प्रयोग करें।
बालदार कीट (भुड़ली) की पहचान
इस कीट की गिडारें पत्तियों को बहुत तेजी से खाती है और फसल को काफी हानि पहुंचाती है। इनके शरीर पर रोयें होते है।
उपचार
इसकी रोकथाम हेतु निम्न में से किसी एक रसायन का बुरकाव द्दिड़काव करना चाहियें।
- मिथाइल पैराथियान २ प्रतिशत धुलनशील चूर्ण २५ किलोग्राम।
- डाइक्लोरवास ६५० मि० लीटर।
- क्लोस्पायरीफास २० ई.सी. १.५ लीटर।
माहू कीट की पहचान
इस कीट के शिशु तथा प्रौढ़ पत्तियों की सतह से रस चूसकर हानि पहुंचाते है।
उपचार
इसकी रोकथाम हेतु निम्न मे से किसी एक रसायन का द्दिड़काव करना चाहियें।
- मिथाइसल-ओ डिमोटान २५ ई०सी० १.०० लीटर।
- थायोमिटान २५ ई०सी० १.०० लीटर।
- मोनोक्रोटोफास ३६ ई०सी० ०.५०० लीटर।
- क्लोरपायरीफास २० ई०सी० ०.७५० लीटर।
नोट : जहां हरा भुट्टा खाने का प्रयोग में लाया जाता है। वहां यह रसायन प्रयोग न किये जायें भुट्टों में माहू की रोकथाम के लियें मैलाथियान १.० लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से द्दिड़काव करायें।