सधाई और काट-छाँट
अच्छा ढाँचा स्थापित करने के लिए लीची के छोटे पौधों को साधा जाता है। मृत या रोग ग्रस्त शाखाओं और क्षतिग्रस्त प्ररोहों को निकालने के लिए काट-छाँट की जाती है। चूंकि लीची के पुष्प वर्तमान वर्ष की वृध्दि पर आता है, अत: नए प्ररोहों के लिए फलन शाखाओं के सिरों को निकाला जाता है जिससे कि अगले वर्ष पुष्पन प्राप्त हो सके। इसलिए फलों की तुड़ाई करते समय फलों के साथ टहनी का एक हिस्सा (40-50 से.मी.) तोड़ लिया जाता है। जब वृक्ष बहुत अधिक पुराना हो जाता है तो इस पर खराब गुणवत्ता के छोटे आकार के फल आते हैं। इसलिए काट-छाँट नए प्ररोहों की वृध्दि को प्रोत्साहित करके फलों की उपज एवं गुणवत्ता में सुधार लाती है।
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लीची में अग्रक प्रणाली ४० से. मी. पर लीची के शाखाओं की काट-छाँट
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