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Hindi

Importance of forestry and agroforestry in arid zone

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चना की खेती

Source: 
Agriculture Department, Uttar Pradesh

मुख्य बिन्दु:
१. क्षेत्रीय अनुकूलतानुसार प्रजाति का चयन कर प्रमाणित एवं शुद्ध बीज का प्रयोग करें |
२. बेसल ड्रेसिंग फास्फोरसधारी  उर्वरकों का कूड़ो में संस्तुति  अनुसार अवश्य पर्योग करें |
३. रोगों एवं फलीछेदक कीड़ों की सामयिक जानकरी कर उनका उचित नियंत्रण/उपचार किया जाय
|

गेहूँ की खेती

Source: 
Agriculture Department, Uttar Pradesh

 

प्रदेश में जीरों टिलेज द्वारा गेहूँ  की खेती की उन्नत विधियॉ:

प्रदेश के धान गेहूँ फसल चक्र में विशेषतौर पर जहॉ गेहूँ  की बुवाई में विलम्ब हो जाता है। गेहूँ की खेती जीरों टिलेज विधि द्वारा करना लाभकारी पाया गया है। इस विधि में गेहूँ की बुवाई बिना खेत की तैयारी किए एक विशेष मशीन (जीरो टिलेज मशीन) द्वारा की जाती है।

लाभ:

इस विधि में निम्न लाभ पाए गए है। 

धान की उन्नतशील खेती

Source: 
Agiculture Department Uttar Pradesh

धान की फसल में महावार महत्वपूर्ण कार्य बिन्दु - नर्सरी डालना :

मई

१ पंत-४ सरजू-५२ आई.आर.-३६ नरेन्द्र ३५९ आदि।
२ धान के बीज शोधन बीज को १२ घन्टे पानी मे भिगोकर तथा सुखाकर नर्सरी में बोना।

भूरापर्ण चित्ती


मिथ्या कंड

 

मिथ्या कंड

 

रोगकारी जीव : आस्टिलेजिनाइडीज विरेन्स

पर्णच्छद अंगमारी


धान के रोपाई के दौरान

धान के रोपाई

रोपाई के दौरान :

धान के खेत की तैयारी


रोगों और (हानिकारक कीटों नाषक जीवों) का एकीकृत प्रबन्ध

 

रोगों और (हानिकारक कीटों नाषक जीवों) का एकीकृत प्रबन्ध

1. सामान्य सावधानियां

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