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Kharif

बाजरा का हरा चारा

ग्वार का हरा चारा

मक्का का हरा चारा

मकचरी

ज्वार का हरा चारा

बहु कटान वाली ज्वार

एम.पी. चरी एवं पूसा चरी २३ एस.एस.जी ५९-८ (मिठी सुडान) एम.एफ.एस.एच.३ पन्त संकर ज्वार-५ इन्हे एक से अधिक कटाई के लिए ज्वार की सबसे अच्द्दी किस्म माना गया है। इसमें ७-९ प्रतिशत प्रोट्रीन होती है तथा ज्वार मे पाया जाने वाला विष हाइड्रोसायनिक अम्ल भी कम होता है।

लोबिया का हरा चारा

बासमती/सुगन्धित धान की वैज्ञानिक खेती

तिल की खेती

मुख्य बिन्दु

१. बुवाई १०-२० जुलाई तक अवश्य कर ली जायें।
२. पानी के निकास की समुचित व्यवस्था करे।
३. बुवाई के १५-२० दिन बाद विरलीकरण अवश्य करें।

मक्का की खेती

अन्य आवश्यक क्रियाये: 

वर्षा के पानी तेज हवा से फसल को बचाने के लिए पौधों की जड़ों पर मिट्‌टी पलटने वाले हल से मिट्‌टी चढ़ा देनी चाहिये।

सोयाबीन की खेती

सूत्रकृमि:

सूत्रकृमि जनित बीमारियॉ रोकने के लिये हरी खाद गर्मी की गहरी जुताई या खलियॉ की खाद का उचित मात्रा में प्रयोग किया जाय।

अरहर की खेती

सूत्रकृमि: सूत्रकृमि जनित बीमारी की रोकथाम हेतु गर्मी की गहरी जुताई आवश्यक है।

कम अवधी कि अरहर कि फसल में एकीकृत कीट प्रबंधन: